62 लाख की धोखाधड़ी का आरोपी 4 साल बाद गिरफ्तार पुलिस घर पहुंची तो भागा, 4 किलोमीटर पीछा कर पकड़ा
पुलिस गिरफ्त में आरोपी संदीप सीकर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने 62 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में 4 साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों में रहकर फरारी काट रहा था। जैसे ही पुलिस को सूचना लगी कि आरोपी अपने गांव आया हुआ है तो पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने 4 किलोमीटर तक पीछा किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दरअसल 26 मई 2019 को कुचामन निवासी शोयब मोलानी ने मामला दर्ज करवाया कि 11 मई को वह रात की नमाज पढ़ने के बाद जमीन के सौदे के 62 लाख रुपए लेकर सीकर आ रहा था। उसके साथ आरिफ और रिजवान भी थे। ऐसे में शोयब के पास जसवंत नाम के युवक के मोबाइल से मिस्ड कॉल आया। जब उसने कॉल बैक किया तो संदीप ने कॉल रिसीव किया जो शोयब के चाचा अब्बास का परिचित था ।
संदीप ने फोन पर कहा कि वह संदीप ख्यालिया बोल रहा है। उसे शोयब से मिलना है। शोयब सांवली चौराहा पहुंचा तो वहां संदीप के साथ जसवंत सुनील, नेमीचंद और राकेश मौजूद थे। इन सभी को पता था कि शोयब के पास रुपए हैं। संदीप और उसके साथियों ने शोयब की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया और संदीप ने शोयब की कनपटी पर बंदूक तानकर उसे 62 लख रुपए लूट लिए। बैग में 62 लख रुपए के अलावा लैपटॉप सहित अन्य डॉक्यूमेंट भी थे। संदीप इलाके का बदमाश था ऐसे में उसने धमकी दी कि यदि इस बारे में किसी को बताया तो वह शोयब को जान से मार देगा।
पुलिस ने मामले में जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि मामला धोखाधड़ी जैसा है आरोपी की तलाश में पुलिस ने आरोपी संदीप जाट निवासी बीबीपुर, फतेहपुर की तलाश में कई बार उसके ननिहाल और घर पर दबिश दी लेकिन पुलिस को आरोपी नहीं मिला। आज पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि आरोपी अपने गांव आया हुआ है। पुलिस जब आरोपी को पकड़ने के लिए उसके गांव गई तो आरोपी वहां से भाग निकला। ऐसे में आरोपी को पकड़ने गई डीएसटी टीम ने करीब 4 किलोमीटर तक पीछा कर आरोपी को पकड़ लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार हवाला कारोबारियों से धोखाधड़ी, मारपीट, लूट जैसी वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी आपराधिक किस्म का है जिसने अपना एक फर्जी पासपोर्ट भी बनवाया था। उस पासपोर्ट से संदीप एक बार विदेश भी जा चुका है। सीओ सिटी सुरेश शर्मा के मुताबिक आरोपी अलग-अलग जगह रहकर फरारी काट रहा था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुटी है। आरोपी को पकड़ने में डीएसटी टीम इंचार्ज विरेंद्र सिंह, हरीश, विजयपाल, अशोक, सुरेंद्र, रमेश की अहम भूमिका रही।
